शोहरतगढ़- सियांव नानकर गौशाला के समीप लावारिश अवस्था में थी गौवंश, विहिप की सक्रियता से हरकत में आया प्रशासन, एसडीएम राहुल सिंह की सक्रियता से शांत हुआ मामला

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द ख़बर टाइम्स/दिनेश कुमार

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

शासन-प्रशासन की अनदेखी और जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम यह है कि विकास खण्ड शोहरतगढ़ के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सियांव नानकर की गौशाला में गोवंशों की स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। चर्चा है कि विगत दिनों गौशाला में किन्ही कारणों से मृतक गौवंश को गौशाला के कर्मियों द्वारा जैसे तैसे गौशाला के पीछे फेक दिया गया, उसे पूरी तरह से मिट्टी भी नसीब नहीं हुई। अच्छी तरह से न ढकने के कारण आसपास क्षेत्र में दुर्गंध बढ़ती जा रही थी और दर्जन भर मृतक गौवंशो का प्रकरण देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मामला तब और आक्रोषित होता नजर आ रहा था जब इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी सक्रिय हो गए।

आरोप है कि ग्राम पंचायत सियाव नानकार में चल रहे गौशाला के पीछे लावारिस अवस्था में पड़ी गोवंश की डेड बॉडी को लेकर जिम्मेदारों ने करीब 3 दिन से चुप्पी साध रखी थी, सोमवार को लावारिस अवस्था में पड़ी गोवंश का फोटो सहित वीडिओ जनपद स्तर पर वायरल होने लगा और उसकी सूचना शोहरतगढ़ तहसील स्तर पर भी लोगों के पास पहुंचने लगी जैसे ही इसकी जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय के पास पहुंची वे अपने दल-बल के साथ घटना स्थल पहुंच गये और गौवंश के डेड बॉडी को धर्म के अनुसार मिट्टी में दफ़न करने की बात करने लगे। इसी बीच किसी बात को लेकर प्रधान प्रतिनिधि से कहा सुनी हो गयी, जिससे मामला और बढ़ गया।

विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शोहरतगढ़-खुनुवा रोड को जाम कर नरेबाज़ी करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे और गौ हत्या बंद करने सहित गौवंशों के संरक्षण को लेकर अपनी बात कहने लगे। इस दौरान करीब 1 घंटे तक गौशाला के पास शोहरतगढ़-खुनुवा मार्ग बंद रहा। लेकिन मार्ग पर अचानक पहुंची एंबुलेंस को रास्ता दिया गया। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी की सक्रियता बढ़ती देख मौके पर प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ पवन मिश्रा, एस.डी.एम. राहुल सिंह, विकास अधिकारी चन्द्र भूषण तिवारी, शोहरतगढ़ इंस्पेक्टर बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी अपनी फोर्स के साथ पहुंचकर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी के साथ वार्ता की। इस दौरान एसडीएम राहुल सिंह ने जिम्मेदार और जवाबदेह अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा देते हुए नगर पंचायत प्रशासन के सहयोग से गड्ढा खुदवाकर मृतक गौवंश को दफ़न करवाया, तब मामला शांत हुआ। इसके साथ ही उन्होंने गौशाला संचालक को नियमित रख-रखाव के निर्देशित दिए और गोवंशों की गणना के साथ-साथ गौवंशो को उपलब्ध कराई जा रही भूसा चारा आदि के संदर्भ में जानकारी भी मांगी।

विदित हो उक्त गौशाला में करीब 170 गाय पंजीकृत है, जिनके भूसा चारा आदि को लेकर सरकार 50/- रूपये प्रति गौ वंश हेतु खर्च देती है। कुल मिलाकर 8500/- प्रति माह

विदित हो सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन सियांव नानकर की गौशाला में हालात इसके बिल्कुल उलटा प्रतीत हो रहा हैं। यहां चारा भूसा एवं पानी और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसके पीछे धन का आभाव बताया जा रहा है। चर्चा इस बात का भी है कि कुछ गौशाला कर्मियों का लाखों रुपया की मजदूरी बकाया है और बकाया मजदूरी न मिलने के कारण उन्होंने गौशाला में कार्य करना छोड़ दिया है। केवल 4 कर्मियों के भरोसे पर गौशाला चल रहा है। यही नहीं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बीमार और कमजोर गोवंशों की देखभाल के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मृत गोवंशों की लावारिस हालत में पड़ी बॉडी प्रशासन की गैर-जिम्मेदारी की पोल खोल रही है। ग्रामीणों की मांग है कि लावारिस पड़ी गोवंश की डेड बॉडी का तत्काल निस्तारण कराया जायें।

ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत सियांव नानकर स्थित आरसी सेन्टर की हालत भी गौशाला जैसी ही है। सेन्टर तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग तक उपलब्ध नहीं है। बारिश के मौसम में यहां पहुंचना ग्रामीणों और कर्मचारियों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्राम पंचायत अधिकारी वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पायें, जिससे स्थानीय लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

इस दौरान प्रमुख रूप से विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष डॉ पवन मिश्रा, एस.डी.एम. राहुल सिंह, खण्ड विकास अधिकारी चन्द्र भूषण तिवारी, संगठन के सचमुच त्रिपाठी, अजय, विनय, शिवशक्ति शर्मा, राकेश मिश्रा, विपिन मोदनवाल, करन चौधरी, अर्जुन मद्देशिया, प्रताप जायसवाल, टपई, आकाश मोदनवाल, बलराज गुप्ता, सौरभ गुप्ता, ग्राम प्रधान राममिलन चौधरी के साथ ए.डी.ओ.आई.एस.बी. अब्दुल गफ्फार सचिव अजय भारतिया, सचिव गौरव श्रीवास्तव के साथ इंस्पेक्टर बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी, का दिनेश यादव, का प्रभाकर यादव मय फोर्स के साथ डटे रहे।

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