सिद्धार्थनगर- निजी विद्यालयों के प्रबंधकों ने 11 मांगों को लेकर सीएम के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

द खबर टाइम्स/श्रवण पटवा

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के बैनर तले निजी विद्यालयों के प्रबंधको ने विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी विद्यालयों के संचालन, प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं व्यवहारिक बनाने के लिए 11 प्रमुख मांगें उठाई गईं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के लाखों निजी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन कई व्यावहारिक समस्याओं के कारण विद्यालय संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर आवश्यक निर्णय लिया जाना जरूरी है।

ज्ञापन में तीन व पांच वर्षों से नियमित रूप से संचालित विद्यालयों को स्थायी मान्यता देने, यू-डायस कोड प्राप्त विद्यालयों की प्री-प्राइमरी कक्षाओं को जोड़ने तथा प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक प्रवेश एवं विवरण दर्ज करने का अधिकार दिए जाने की मांग की गई। इसके अलावा विद्यालय प्रबंधकों एवं शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा विद्यालय वाहनों को विशेष श्रेणी में रखकर परिवहन नियमों में व्यवहारिक छूट देने की मांग भी शामिल रही।

संघ ने नए विद्यालयों की मान्यता के लिए खेल मैदान एवं 30 फीट सड़क की अनिवार्यता में व्यावहारिक संशोधन, सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को शीघ्र यू-डायस कोड आवंटित करने, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हस्ताक्षर सत्यापन प्रक्रिया सरल बनाने तथा विद्यालय प्रबंधकों को प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर सत्यापित करने का अधिकार देने की भी मांग की।

ज्ञापन में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति राशि ₹450 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह करने, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों की मान्यता से संबंधित पूर्व प्रभावी मानकों को पुनः लागू करने तथा विद्यालयों पर व्यवसायिक के स्थान पर घरेलू विद्युत दर लागू करने के साथ सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना पर 75 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक शासनादेश जारी किए जाने का अनुरोध किया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि माध्यमिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई।

गुरु पूर्णिमा पर सार्वजनिक अवकाश की मांग- राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के पदाधिकारियों ने गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संघ की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को अनुरोध भेजने की तैयारी की जा रही है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति और शिक्षा परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को गुरु पूजन और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागी होने का अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अनुमति एवं आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया जाएगा। संघ ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लेगा।

Leave a Comment

और पढ़ें