रिकवरी एजेंट और लोन धारक के बीच बहस का वीडियो वायरल !

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https://youtu.be/MDYVBGF0Pbo

The Khabar Times
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के एजेंटो का लोन धारको से किस्त (EMI) की जबरिया बसूली के दौरान बहस होना आम बात है। बात तब बढ़ जाती है जब लोन धारक मुसीबत एवं आर्थिक संकट का हवाला देता है और वह लोन की किस्त देने में सक्षम नहीं होता अथवा कुछ और भी कारण हो सकते है। इन्हीं परिस्थितियों में लोन की ई.एम.आई. रिकवरी एजेंट जब दबाव बनाने लगते हैं, कि हमको किस्त चाहिए तो चाहिए। ऐसी दशा में एजेंट औरलोन धारक ने बीच बहस होना कोई नई बात नहीं है। जिसका विविध वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी देखा जा सकता है। ताज़ा मामला शोहरतगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बगुलहवा का है।


वसूली के लिए गांव में आये रिकावरी एजेंटो के कतिथ हरकत के कारण चर्चा इस बात की उठी की रिकवरी एजेंट द्वारा लोन धारक महिला द्वारा ई.एम.आई. (किस्त) नहीं दिए जाने पर उसके घर का दरवाजा तोड़ा जा रहा है और यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई। मामले की जानकारी के लिए जब महिला के घर जाकर संपर्क किया गया तो पता चला महिला द्वारा ज़ब यह बताया गया कि वर्तमान समय में उसे आर्थिक संकट है और वह किस्त का पैसा दो दिन बाद देगी, लेकिन वसूली के लिए घर पर दबीस देने आए रिकवरी एजेंट से उसका बहस हो गया और बहस लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। जानकार बताते है कि एजेंट के एक साथी द्वारा घर का दरवाजा खोलने के दौरान दरवाजा हाथ से छूट गया और वह दीवाल में जोर से टकराया। इसी बात को लेकर महिला के परिजन आक्रोशित हो गए। लोन धारक महिला ने यह भी बताया कि उसका लड़का रोजी-रोटी के सिलसिले में वह मुंबई में रहता है। और उसकी तबीयत खराब है इसलिए वह ई.एम.आई. देने में सक्षम नहीं है और आर्थिक संकट का हवाला देने के बाद भी 2 दिन में किसी तरह किस्त देने की बात कही है। रिकवरी एजेंट गोरखपुर क्षेत्र के बताये जा रहे है।

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