द खबर टाइम्स/श्रवण पटवा
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर
ठंड के मौसम में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, खासकर सर्दी, जुकाम, बुखार और वायरल इंफेक्शन के मामले। शोहरतगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औसतन ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से अधिकांश सर्दी, जुकाम, बुखार और वायरल इंफेक्शन से पीड़ित है। यही नहीं सांस संबंधी बीमारियों, ह्रदय रोग और मधुमेह के मरीज भी अधिक हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। मौसम बदलने से मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ गए हैं, जहां प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवारत डॉ अर्जुन यादव (एम.बी.बी.एस. चिकित्सा अधिकारी) ने मीडिया बयान में गुरुवार को नये एवं पुराने पर्चे के हिसाब से लगभग 200 ओपीडी मरीजों का परीक्षण किया, और उन्हें दवा के साथ सलाह भी दी। साथ ही कहा कि ठंड के मौसम में खुद को बचाने के लिए कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय भी हैं। इसके उपयोग से हम ठंडक से बच सकते हैं- जैसे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है, खासकर सिर, हाथ और पैर को ढकना चाहिए। गर्म पानी पीने से शरीर को गर्मी मिलती है और ठंड से बचाव होता है। गरम खाना खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और ठंड से बचाव होता है। नियमित व्यायाम करने से शरीर को गर्मी मिलती है और ठंड से बचाव होता है। सर्दी-जुकाम से बचने के लिए मास्क पहनें, हाथों को साफ रखें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि संतरा, नींबू, आदि खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। गर्म पानी से नहाने से शरीर को गर्मी मिलती है और ठंड से बचाव होता है। बावजूद यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बनी रहती है तो आप डॉक्टर से आवश्यक सलाह लें और उनकी सलाह के अनुसार दवा भी लें।




























