- नई पीढ़ी को बताया आजादी का इतिहास
- शहीदों के विचारों पर हुआ मंथन
द खबर टाइम्स/आर0 के0 बाबा
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर
सोमवार को शहीद दिवस के अवसर पर शोहरतगढ़ स्थित बीरेंद्र सिंह ग्रामीण स्टेडियम में छात्र, युवा व किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु सहित अन्य वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की शहादत केवल इतिहास नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मानव मूल्य पुनर्स्थापना अभियान के प्रणेता़ राजदेव प्रसाद ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने बलिदान से देश के लिए समर्पण का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि देशहित और समाजहित के मूल्यों को फिर से मजबूत किया जाए।

पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह ने कहा कि शहीदों के बलिदान और आजादी के इतिहास को कमजोर करने की कोशिशों के प्रति समाज को सजग रहना होगा। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचंद यादव ने कहा कि भगत सिंह ने कभी अन्याय के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया और अपने बलिदान से अमर हो गए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मा.शि.सं. जिलाध्यक्ष रामविलास यादव ने कहा कि शहीदों के विचारों से प्रेरणा लेकर समाजवादी सोच और जनहित की भावना को मजबूत करना समय की मांग है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहैल अहमद ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को आजादी के इतिहास से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं। विशिष्ट अतिथि अमन यादव ने शहीदों को याद करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। कार्यक्रम आयोजक दीपक यदुवंशी ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य शहीदों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ छात्र, युवा और किसान वर्ग के मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करना है। कार्यक्रम को डॉ. नादिर सलाम, श्याम लाल शर्मा, मंगेश दूबे, अमजद खान, चंचल रावती, रामानंद यादव, हरिराम यादव, मोनू दूबे, सत्यनारायण यादव, शक्ति राम यदुवंशी और पंकज चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। संचालन धीरज गुप्ता ने किया। इस दौरान शिवपाल, विजय यादव पहलवान, शिवकुमार यादव, दीनदयाल, अभिनव यादव, संदीप दूबे, विपिन रावत, विक्रम यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




























