नवरात्रि पर समय माता मंदिर से निकलेगी भव्य शोभायात्रा, 19 मार्च से मेले का शुभारंभ

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समय माता मंदिर के सुंदरीकरण को 116.22 लाख की स्वीकृति
2.63 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी भिरंडा समय माता स्थान से नियाँव तक जाने वाली 2.50 किमी लंबी सड़क

द खबर टाइम्स/श्रवण कुमार पटवा
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

हिंदू नव वर्ष प्रतिपदा एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर एवं क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र श्री समय माता मंदिर, भिंरडा स्थान पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले का शुभारंभ 19 मार्च यानी गुरुवार से प्रारम्भ होगा। आयोजन समिति के अनुसार इसी दिन प्रातः 9ः00 बजे नगर स्थित श्री राम जानकी मंदिर से समय माता की विशाल शोभायात्रा बड़े ही धूमधाम, भव्यता एवं धार्मिक उल्लास के साथ निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होंगे।

विदित है मेले में स्थानीय दुकानों के साथ-साथ बाहरी व्यापारियों की भी अनेक दुकानें सजेंगी। बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले जैसे रेलगाड़ी झूला, जंपिंग झूला, बड़े झूले, मिकी माउस झूला आदि आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अतिरिक्त जादू, सर्कस एवं अन्य मनोरंजन के साधनों की भी व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत विशाल जागरण का आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है। श्री समय माता मंदिर जीर्णोद्धार समिति ने समस्त श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से शोभायात्रा एवं मेले में शामिल होने की अपील की है।

आस्था का केंद्र है श्रीसमय माता का दरबार- समय माता मंदिर देवी स्थान भिंरडा शोहरतगढ़ नगर एवं क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। मनौती को लेकर नवरात्रि पर्व में श्रद्धालु यहाँ अरदास भी लगाते है। क्षेत्र में ऐसी जनचर्चा है कि भिरण्डा की समय मैया सभी भक्तों की मुराद पूरी करती है, जिसकी कई कहानियाँ प्रचलित है। शोहरतगढ़ के प्रसिद्ध एवं शक्तिपीठ मन्दिर पर जाने के लिए नगर पंचायत शोहरतगढ़ से खुनुवां बाईपास रोड से एक किमी उत्तर दिशा में जाने के बाद मां के दरबार में प्रवेश करने के लिए पूरब दिशा में गेट लगा है। प्रवेश करने के बाद एक किलो मीटर चलकर मां भिरण्डा देवी के मंदिर पर आसानी से पहुंच सकते हैं। मां के दरबार में आसपास एवं दूरदराज से लोग पहुंचते रहते हैं। चर्चाओं के अनुसार 40 वर्ष पूर्व में विशालकाय पीपल के वृक्ष के नीचे पिण्ड पर क्षेत्र के किसान फसल अच्छी होने के लिए प्रार्थना करते थे। एक दिन एक सरदार रविन्द्र सिंह अपनी गरीबी से तंग होकर पिण्डी पर आकर रोते हुए मां से गरीबी दूर होने की मन्नत किया। नवरात्र में वह सफाई कर पूजा शुरू की। जैसे नवरात्र खत्म होते ही सरदार को एक लाख की लाटरी लगी। इस रुपये से वह सम्पन्न होने लगे। फिर बाद में भक्तों द्वारा भव्य मंदिर बनवाया गया। आपको बतातें चलें कि मंदिर पर जो भी कुछ मांगता है, उसकी मुराद मां पूरी करती हैं। किसान अच्छी फसल की कामना कर तेल सिंदूर, कढ़ाई आदि चढ़ाते हैं। मंदिर की व्यवस्था दस सदस्यीय कमेटी देखती है। यहां क्षेत्र के लोग मंदिर परिसर में मुण्डन संस्कार व सगाई सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम होते रहते है।

क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है समय माता मंदिर- क्षेत्र के प्राचीन आस्था केंद्र भिरण्डा समय माता मंदिर के सुंदरीकरण हेतु पर्यटन विभाग द्वारा 116.22 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 17 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह व्याप्त है। इसी क्रम में स्थानीय विधायक विनय वर्मा के प्रयासों से भिरंडा समय माता स्थान से नियाँव तक लगभग 2.50 किमी लंबी संपर्क सड़क के निर्माण को भी 2.63 करोड़ रुपये की लागत से 27 फरवरी 2026 को मंजूरी भी मिल गई है। विधायक विनय वर्मा ने बताया कि लंबे समय से मंदिर परिसर के विकास की मांग की जा रही थी। अब पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, मार्ग सुधार एवं श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही यह भी कहा कि समय माता मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। इसके विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

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