9 साल में शोहरतगढ़ का विकास कागजों तक सीमित, मणेन्द्र मिश्रा ने सरकार पर साधा निशाना

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द खबर टाइम्स/श्रवण कुमार पटवा
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं समाजवादी अध्ययन केंद्र के संस्थापक मणेन्द्र मिश्रा ने भाजपा सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोलते हुए क्षेत्रीय विकास पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने कहा कि शोहरतगढ़ एवं बढ़नी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की गति बेहद धीमी है, जिससे आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील मुख्यालय पर बस अड्डे का अभाव तथा बढ़नी नगर पंचायत में रोडवेज बसों का नियमित ठहराव न होना लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। साथ ही वर्षों से लंबित फायर स्टेशन की मांग को भी उन्होंने दोहराया।

श्री मिश्रा ने करौना पुल की जर्जर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह पुल सैकड़ों गांवों को जोड़ता है, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं हो रही है। तुलसियापुर से कठेला चौराहे के बीच सड़क पर लगे बिजली के पोल से हो रही दुर्घटनाओं को भी उन्होंने गंभीर मुद्दा बताया। किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने कहा कि खाद-बीज की किल्लत, छुट्टा पशुओं का आतंक तथा धान-गेहूं की सरकारी खरीद में लापरवाही से अन्नदाता परेशान है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत सड़कों को खोदकर छोड़ देने और घटिया पाइप बिछाने को उन्होंने भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया। स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टरों व दवाओं की कमी है। क्षेत्र में नए इंटर कॉलेज या डिग्री कॉलेज न बनने से युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जिससे पलायन बढ़ रहा है। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दोनों कार्यकाल शोहरतगढ़ के लिए “विकास की त्रासदी” साबित हुए हैं और जनता वर्ष 2027 में इसका जवाब देगी।

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