विभिन्न विन्दुओं पर कार्यवाही की मांग को लेकर भाकियू ने शोहरतगढ़ एसडीएम को सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापन, पंचायत में गूंजा किसानों का मुद्दा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

द खबर टाइम्स / श्रवण कुमार पटवा

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

सोमवार को शोहरतगढ़ तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (अंबवता) की मासिक किसान पंचायत बुलाई गयी। पंचायत का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राजेश दूबे ने किया, जबकि अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष श्रवण कुमार कश्यप ने की। पंचायत में किसानों की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंप शीघ्रकार्यवाही की मांग की है।

पंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि थाना चिल्हिया में दी गई शिकायत पर विपक्षी के खिलाफ एफआईआर दर्ज न कर खानापूर्ति की गई, जिससे किसानों में रोष है। संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की, तो वहीं तहसील कार्यालय में खतौनी के अंश निर्धारण में कथित गड़बड़ी कर किसानों का शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई और निःशुल्क सुधार की मांग की गई।

किसानों ने गेहूं की पक चुकी फसल को आगजनी से बचाने के लिए सभी ब्लॉकों व तहसीलों में दमकल गाड़ियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, सभी सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों को सक्रिय कर उनकी सूची उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। ग्राम जमुनी में गाटा संख्या 255 के भूमि चिन्हांकन विवाद की निष्पक्ष जांच, ग्राम सभाओं की सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने तथा तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीसी कैमरे लगाने की मांग की गई। इसके अलावा महदेवा गंगाराम से मड़वा मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण के बाद बीच सड़क पर आए बिजली के खंभों को हटाने, गौहनिया चौराहे से जमुनी तक क्षतिग्रस्त पीडब्ल्यूडी सड़क की मरम्मत कराने, परसिया फीडर के कथित गलत विद्युत बिलों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुख रही। पंचायत में निर्धन लोगों को वितरित कंबलों की सूची सार्वजनिक करने, ग्राम जमुनी की केयरटेकर विंदा का बकाया वेतन भुगतान कराने, इटवा व छतहरी स्थित राजकीय कृषि बीज गोदामों में गेहूं बीज वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों को हटाने तथा ग्राम भटौली में भूमि विवाद प्रकरण में प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की गई। अंत में संगठन पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।

इस दौरान प्रमुख रूप से भोला यादव, शम्भू साहनी, गौरव, विरेन्द्र पाण्डेय, भारत प्रसाद यादव, रामलौटन, उर्मिला, बबिता, चंद्रावती, प्रभावती, किरन आदि मौजूद रहे।

 

Leave a Comment

और पढ़ें