गंगा-जमुनी तहजीब की मिशाल है शोहरतगढ़ ब्लॉक के ग्रा०पं० करहिया गाँव का रामलीला मेला

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– करहिया ग्राम प्रधान करम हुसैन कर रहे 37 वर्ष पुरानी परम्परा का निर्वहन
– गाँव में रामलीला मंचन के साथ हुआ मेले का आयोजन
– शोहरतगढ़ ब्लॉक के ग्रा०पं० करहिया गांव के ग्राम प्रधान करम हुसैन है श्रीराम लीला मंचन एवं मेले के आयोजक

द खबर टाइम्स/ राकेश बाबा के साथ श्रवण पटवा की रिपोर्ट
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

शोहरतगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत करहिया में भव्य मेला एवं राम लीला मंचन का आयोजन किया गया। मेला आयोजक करहिया ग्राम प्रधान करम हुसैन ने बताया कि यह मेल 1988-89 से लगातार चल रहा है। धान के फसल की कटाई के बाद यानी दिसंबर माह में लगने वाले इस मेले की नींव पूर्व प्रधान स्व० रामनरेश चौधरी व स्व० राम सुभग चौधरी द्वारा रखी गई थी, जिस परम्परा का आज भी पदासीन ग्राम प्रधान करते हैं।

दिन पाली में राम विवाह का भव्य कार्यक्रम होता है तो वही रात्रि पाली में भी जनकपुर दृश्य और श्रीराम विवाह उत्सव धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

मेला आयोजक करम हुसैन ने यह भी बताया कि जो ग्राम प्रधान चुनकर आते हैं वह जाति-पाति व धर्म से ऊपर होते हैं और वह गांव वासियों के हो जाते हैं। भारतवर्ष में जो गंगा-जमुनी तहजीब है। उसी क्रम को आगे बढ़ते हुए हमारे यहां कोई भी कार्यक्रम होता है, तो सभी लोग मिलजुल करके कार्यक्रम को संपन्न कराते हैं। जब सभी लोग मिलकर के किसी कार्यक्रम को करते हैं तो उसे कार्यक्रम की शोभा और भी बढ़ जाती है। हमारे यहां गंगा-जमुनी तहजीब कायम है और इस परंपरा को हम आगे बढ़ते रहेंगे। यहां हमारे गांव में सभी कार्यक्रमों में पूरे गांव वासियों का सहयोग मिलता है। पूरा गांव सब का साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के स्लोगन पर काम करता है। मेले में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी धर्म के आयोजन में जब तक गांववासी तन-मन-धन से नहीं लगते हैं तब तक वह यहां का कार्यक्रम अधूरा रहता है और वहीं अगर सबका साथ मिलता है तो उस कार्यक्रम की शोभा और भी बढ़ जाती है और कार्यक्रम सफल होते है।

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