इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में प्रतिभाग जिले की प्रतिभाओं ने बढाया सिद्धार्थनगर जनपद का मान

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इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन टीम के मॉडल की हुयी सराहना

सिद्धार्थनगर के सिंघेश्वरी इण्टर कॉलेज के होनहार आदर्श मणि त्रिपाठी व कासिम इण्टर कॉलेज के अंजली कन्नौजिया, तनु उपाध्याय व जिला को आर्डिनेटर राजनरायन आदि की साइंस फेस्टिवल में सहभागिता रही।

द खबर टाइम्स/श्रवण पटवा
सिद्धार्थनगर

11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 पंच कुला, हरियाणा में डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन ने पूर्वांचल के मेघावी बच्चों के साथ प्रतिभाग करके अपनी प्रतिभा से गौरव हासिल किया। साइंस फेस्टिवल 6 दिसंबर से 09 दिसंबर तक पंचकूला, हरियाणा में आयोजित हुआ। जिसकी थीम विज्ञान से समृद्ध भारत थी । डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों से विभिन्न राज्यों से आए 35 से अधिक टीम प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। फाउंडेशन के आदर्श मणि को फेस्टिवल में लोगों ने रॉकेट स्टार का नाम देकर उत्साहवर्धन किया। फेस्टिवल में शामिल होकर डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में एक नई वैज्ञानिक अलख जगाने के साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में नये द्वार खोल दिये। यह संस्था भारत नेपाल सीमावर्ती जनपद सिद्धार्थनगर सहित गोरखपुर व पूरे पूर्वांचल में मेघावी छात्रों, इनोवेशन में लगे जनमानस का सहयोग बन देश की समृद्धि व वैज्ञानिक दृष्टि को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने में ततपर है।


11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के प्रतिभागियों ने तमाम क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिकों एवं इसरो के वर्तमान अध्यक्ष वी. नारायणन से भी मुलाकात करके विज्ञान के क्षेत्र में अपने द्वारा किए गए सार्थक कार्यों को बताया। वी. नारायणन द्वारा टीम डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर की सराहना की। डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर की टीम प्रतिभागियों द्वारा अपनी स्टॉल्स पर रॉकेट्स मॉडल्स के माध्यम से आने वाले आगंतुकों को विस्तार पूर्वक जानकारियों से अवगत कराया एवं मॉडल्स आधारित ब अनेकों मानचित्रों से चांद, तारों एवं मंदाकिनी को पहचानने की साधारण तरकीबों से भी रूबरू करवाते हुए नक्षत्रों एवं तारामंडलों के बारे में भी बनाए गए रेखाचित्रों से परिचय करवाते हुए ब्रह्मांडीय दुनियां का परिचय वी० आर० तकनीकी पर आधारित उपकरणों में द्वारा करवाया गया। साथ ही एक विशेष प्रकार का 180 अंश का ऑटोमेटीक रॉकेट लॉन्चर मॉडल को दिखाया जो आने वाले भविष्य में बॉर्डर सुरक्षा में एक अति महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। दर्शकों ने जाना कि कैसे एक विशेष ए०आई० आधारित रॉकेट लॉन्चर का प्रयोग करके नो मेन लैंड बॉर्डर एरिया में युद्ध या अन्य अवांछित गतिविधियों के घटित होने पर छड़ भर में सामने आने वाले किसी भी टार्गेट को पिन पॉइंटेड वार किया जाता है। प्रतिभागियों ने हाइड्रो रॉकेट्स लॉन्चर के माध्यम से दिखाया कि पानी की सहायता से रॉकेट्स में थ्रस्ट कैसे उत्पन्न किया जाता है। रॉकेट्स की कार्य प्रणालियां कैसे कार्य करती हैं और किसी भी सैटेलाइट्स एवं पेलोड्स को इच्छित कक्षाओं में प्रक्षेपित किया जाना आदि पर जानकारी साझा हुयी।

साइंस फेस्टिवल में सजे स्टाल पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस० सोमनाथ जी ने डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की टीम के प्रतिभागियों से रॉकेट्स मोटर्स और अंतरिक्ष यात्री को चन्द्रमा एवं आईएसएस पर मौजूद (लगभग ज़ीरो ग्रैविटी) में अंतरिक्ष में पहुंचाने आदि पर चर्चा कर टीम सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।कहा कि डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन जैसी और भी संस्थाओं की देश को महती जरूरत है जिस से भविष्य के आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त ,वराहमिहिर, सुश्रुत, चरक, विक्रम अंबालाल साराभाई एवम् डॉ०ए० पी० जे० अब्दुल कलाम साहब, सतीश धवन जैसे दूरदर्शी वैज्ञानियों की सकारात्मक एवं उच्च सोच से देश आगे बढ़ सके और भविष्य में नई वैज्ञानिक पीढ़ी तैयार हो सके।


डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की फाउंडर प्रिया यादव ने कहा कि डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें तराशने, विज्ञान के अंतरिक्षिय योगदानों के साथ ही वैज्ञानिक अनुसंधानों की अग्रिम पंक्ति में ले जाने के लिए प्रयासरत है।
को फाउंडर श्रीमती सरोज ने कहा कि विज्ञान से ही अशिक्षा का अंधियारा मिटाया जा सकता है और नए ज्ञान का सूरज चमकाया जा सकता है जिसकी आज हमारे देश को महती आवश्यकता है, साथ ही डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के सीईओ राहुल व्यास ने कहा कि छोटे छोटे वैज्ञानिक आधारित मॉडल्स से शिक्षा में वैज्ञानिक सुधार एवं नवाचार को प्रेरित करके समाज में अंतरिक्ष विज्ञान को जन जन तक पहुंचाया जा सकता है। भविष्य में भारत देश को वैज्ञानिकता के निश्चित परिणाम दे सकते हैं। डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के मेंटर खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि, सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान और इस दिशा में डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन निश्चित तौर पर लगातार प्रयासरत एवं कार्यरत भी है। आदर्श मणि को रॉकेट स्टार का नाम देकर उत्साहवर्धन किया गया।


कार्यक्रम के दौरान डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन को आयोजकों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र आदि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सिद्धार्थनगर जिला समन्वयक राज नारायण, डॉ जितेंद्र सिंह, राहुल व्यास, आदर्श मणि त्रिपाठी, , तनु उपाध्याय, अंजली व गोरखपुर से अवनीश पाठक आदित्य, अंशिका, उत्कर्ष आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

विशेषज्ञों के सहयोग व मार्गदर्शन से फाउंडेशन को लग रहा पंख-

डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के अलग अलग विषयों के विशेषज्ञों में डॉ. चंद्रमौली, डॉ दिलीप भट्ट (इसरो), डॉ.जयंत जोशी(इसरो), प्रोफेसर मोहर लाल सोलंकी( वैदिक गणितज्ञ) , डॉ शोभित श्रीवास्तव, डॉ. राजेश ठाकुर( गणितज्ञ) , डॉ अनूप कुमार सिंह( गणितरत्न ) ,प्रोफेसर बृजेश दीक्षित ( भौतिकविद), हरिशंकर, चित्रा सिंह, परिधि व्यास,अमृतन श्रीवास्तव,( रोबोटिक्स विशेषज्ञ), अविनाश भास्कर ( रोबोटिक्स विशेषज्ञ), कार्तिक परिधि, अरविंद पटेल,अमरेश कुमार, मुस्तन शेरुल्लाह, मारुत, देवेंद्र कुमार, विजय, प्रसून शुक्ला, राम कृपाल पासवान, नवीन, भरत वैष्णव, नितिन कुमार, सतीश रमेश, राजेश कुमार ( फैब्रिकेटर) गिरिजेश यादव( प्रोग्राम मैनेजर) राम सिंह ( प्रोजेक्ट मैनेजर) ,दीपक कुमार, कन्हैया चौधरी, अभय कुमार, मो०बिलाल, मो ० जिलानी, अखिल कुमार, विनीत कुमार, वरीरा सादिक , मो० शोएब, अनुज दुबे, शुरादीप बागची, आदि ने इस शानदार सफलता पर बधाईयां देते कहा कि डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन गोरखपुर, एक ऐसा अनूठा फाउंडेशन है जो छोटे छोटे सतत प्रयासों से सभी को जोड़कर के विद्यार्थियों एवं जनमानस में बदलाव लाकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को वास्तविक धरातल पर पहुंचा सकता है जो निकट एवं दूर भविष्य की जरूरत है।

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