सिद्धार्थनगर में पंचगव्य चिकित्सा का दूसरा विस्तार केंद्र शुरू

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सोनभद्र के बाद यूपी में दूसरा केंद्र, युवाओं के लिए बड़ा अवसर

द खबर टाइम्स/श्रवण कुमार पटवा

सिद्धार्थनगर

उत्तर प्रदेश में पंचगव्य चिकित्सा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंचगव्य विद्यापीठम्, कांचीपुरम (तमिलनाडु) का दूसरा विस्तार केंद्र अब सिद्धार्थनगर जनपद में प्रारंभ कर दिया गया है।

इससे पूर्व संस्थान का पहला विस्तार केंद्र सोनभद्र जनपद में स्थापित किया जा चुका है। प्रदेश में तेजी से हो रहे इस विस्तार को युवाओं के लिए एक नई दिशा और स्वरोजगार के बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

इस नए केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को ADPT – Advanced Diploma in Panchagavya Therapy नामक 2 वर्षीय चिकित्सा कोर्स का लाभ मिलेगा। यह कोर्स युवाओं को पंचगव्य चिकित्सा में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

कोर्स की कुल अवधि 2 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें

✔ 1 वर्ष सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक अध्ययन

✔ 1 वर्ष क्लिनिकल अप्रेंटिस प्रशिक्षण शामिल है।

कक्षाएं जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी। विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

संस्थान द्वारा प्रवेश प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ कर दी गई है, जो 15 जून 2026 तक चलेगी।

इस कोर्स में कुल 40 सीटें निर्धारित हैं तथा प्रवेश “पहले आओ – पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।

प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

📚 पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

इस कोर्स के अंतर्गत विद्यार्थियों को निम्नलिखित विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा:

मानव शरीर संरचना एवं अंगों का अध्ययन

रोग पहचान एवं अंग परीक्षण

नाड़ी विज्ञान एवं नाभि विज्ञान

पंचगव्य औषधि निर्माण

जड़ी-बूटी पहचान एवं उपयोग

पंचगव्य चिकित्सा पद्धति

इसके अतिरिक्त छात्रों को

✔ गौशाला प्रबंधन

✔ जैविक खेती

✔ रोगों की पहचान एवं उपचार का व्यावहारिक ज्ञान

भी प्रदान किया जाएगा।

संस्थान द्वारा छात्रों को औषधि निर्माण, रोग जांच एवं क्लिनिक संचालन का विशेष प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में स्वयं का कार्य प्रारंभ कर सकें।

💼 कोर्स के बाद अवसर

कोर्स पूर्ण करने के पश्चात छात्र:

✔ पंचगव्य चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर सकते हैं

✔ अपना क्लिनिक खोल सकते हैं

✔ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं

🗣️ संस्थान के पदाधिकारियों के बयान

गव्यसिद्धाचार्य डॉ. राम निरंजन वर्मा ने कहा:

“पंचगव्य चिकित्सा को देश के प्रत्येक गांव तक पहुँचाना हमारा लक्ष्य है, ताकि युवा आत्मनिर्भर बनें और भारत निरोगी बने।”

गव्यसिद्ध डॉ. रणवीर ने कहा:

“पंचगव्य चिकित्सा केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करती है।”

संचालक डॉ. सुनील के.सी ने बताया:

“सोनभद्र के बाद सिद्धार्थनगर में केंद्र खुलना प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे वे स्वास्थ्य सेवा और स्वरोजगार दोनों में आगे बढ़ सकते हैं।”

📍 संपर्क विवरण

📌 केंद्र: ग्राम पंचायत अहिरौला, ब्लॉक बढ़नी, जनपद सिद्धार्थनगर (उ.प्र.)

📞 मोबाइल: 7800111808

📧 ईमेल: suneelkc1716@gmail.com

🌿 “पंचगव्य ज्ञान अपनाएं — स्वरोजगार पाएं — भारत को निरोगी बनाएं।”

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